गरीबी से बिजनेसमैन बनने तक का सफर- motivational story in hindi for students

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गरीबी से बिजनेसमैन बनने तक का सफर- motivational story in hindi for students

 

motivational story in hindi for students जो entrepreneur बनना चाहते है,यह कहानी दो दोस्तों की है ये दोनों लाइफ को एक बेहतर तरीके से जीना चाहते थे क्यूंकि उनको मिडिल क्लास मै या गरीब घर मै पैदा होना उन्हें अफ़सोस जताता था , पर देखते है किस्मत किसका साथ देती है ,अगर आप भी entrepreneur बनना चाहते है तो ये कहानी आपको बहुत कुछ सिखाएगी |

 

पैसा बड़ा या जिद जानिए दो दोस्तों की कहानी

 

यह कहानी अजय और विनय की है यह दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे, और दोनों की इच्छा थी की वो बड़े होकर बिजनेसमैन बने , वह दोनों मिडिल क्लास फॅमिली से थे | वह दोनों जब स्कूल मै थे तब अपने से अच्छे घर के लड़को को देखकर मायूस हो जाते थे क्यूंकि वह अच्छे-अच्छे कपडे पहनते थे बहुत ही अच्छी-अच्छी डिश खाते थे|

 

ये देख कर उन्हें बुरा तो लगता था पर वो कर भी क्या सकते थे और इसी के चलते उनके दोस्त काम थे , कभी कबार इसी के चलते उनकी आमिर लड़को से बहस भी हो जाती थी , अजय थोड़ा तेज़ तरार सख्स था वह भी उनसे भिड़ने मै कोई कसर नहीं छोड़ता था पर विनय अजय से अलग स्वभाव का था वह इन चीज़ो मै नहीं पड़ता था |

 

विनय की सबसे खास बात ही यह थी वह लोगो से काम बात करता था पर जब उसकी बरी आती तो सबको आश्चर्य मै दाल देता उसका दिमाग ओरो से अलग था वह पढ़ाई मै तो जायदा अच्छा नहीं था पर और कामो मै उसका दिमाग काफी चलता था |

और अजय मै थोड़ा overconfidence जायदा था वह वह शोऑफ और लोगो से बाते करने मै माहिर था जिस वजह से उसके मिडिल क्लास वाले काफी अच्छे दोस्त थे|

 

अजय के पिताजी भी बिजनेसमैन बनना चाहते थे पर वह पैसो की तंगी के चलते बिजनेसमैन बन नहीं पाए और और सरकारी नौकरी करने लगे , उनका बस ये मानना था बिना पैसो के बिज़नेस नहीं चल सकता और इसीलिए उन्होंने अपने बेटे अजय को बहुत पढ़ाया लिखाया और उसकी सोच भी उसकी पिता की तरह बन गयी उसके पिता और वो बस अमीरो वाली लाइफ जीना चाहते थे वो सोचते थे बिना काम किये पैसा आ जाये और वो राजाओ की तरह रहे |

 

और विनय के पिता कारपेंटर का काम करते थे और वो चाहते थे की विनय पढ़ाई लिखाई करे और वो नहीं चाहते थे की विनय बिजनेसमैन बने क्यूंकि उन्हें  लगता था बिज़नेस केवल पैसो वालो के लिए ही है, क्यूंकि उन्हें लगता था बिज़नेस करना हम जैसे लोगो के बसकी बात नहीं है हम लोग तो ध्याड़ी मजदूरी वाले लोग है  

पर विनय वह अपने काम को लेकर थोड़ा सीरियस रहता था और जब तक वह काम को पूरा नहीं कर लेता उसे चैन नहीं आता वह भी बिजनेसमैन बनना चाहता था पर उसके पीछे एक रीज़न था की वो कुछ ऐसा बनाना चाहता था जिससे लोगो की बड़ी से बड़ी प्रोब्लेम्स को सोल्व किया जा सके क्यूंकि उसे लोगो के मदत करना अच्छा लगता था

पर विनय के पिता उससे परेशान रहते थे वो उसे कहते थे बेटा पढ़ाई किया कर जिससे तुझे अच्छी नौकरी मिल सके और हम लोग भी दो वक़्त की रोटी खा सके |

 

 

जब भी विनय के घर पर मेहमान आते तो वो भी उसे यही सलाह देते बेटा पढ़ाई लिखाई किया कर और बिज़नेस के चक्कर मै मत पड़ और वो किसी न किसी का example देकर बोलते हमरे पड़ोस के लड़के ने भी नौकरी छोड़ कर बिज़नेस स्टार्ट किया और बिज़नेस चला नहीं और कैयो को तो इतने पैसे लग गए फिर भी वो successful नहीं हुए, पर विनय इन सब बातो से कही ऊपर था उसने ठान राखी थी करना तो है क्यूंकि वो अपनी ज़िन्दगी ऐसी नहीं जीना चाहता था

और वो कही न कही इसी oppurtinity की तलाश मै लगा रहता कही से कोई मौका मिले तो वो अपने आप को साबित कर सके की सब गलत थे और मै सही

 

वही अजय बस पैसो के लिए कही न कही तिगड़म भिड़ाता रहता जब दोनों के कॉलेज खत्म हुए तो विनय तो घर पर ही रहने लगा और कुछ न कुछ करने की कोशिश करता रहता | एक दिन अजय को सरकारी नौकरी मिली और साथ मै तन्खा भी अच्छी थी ,अब अजय भी नौकरी करने लग गया ,तो विनय ने सोचा घर मै रहने से अच्छा है कही बहार चल कर कुछ नया सीखा जाये तो वह शहर आ गया और जैसे तैसे करके किसी बड़ी कंपनी मै छोटी पोस्ट मै काम करने लगा और उसने ठान ली थी की वो उस कंपनी के बॉस की तरह बनेगा तो उसने जैसे तैसे करके अपने बॉस से काम सिखने के लिए कोशिश करने लगा,

 

तो कुछ टाइम बाद उसे मौका मिल गया काम सिखने का और उसका बॉस भी अच्छा था उसने उसे बिज़नेस से related  काफी चीज़ सिखाई कैसे कमपनी को कैसे चलते है क्या क्या हमे सावधानी रखनी चाइये कैसे कॉस्ट्मर को खुश रखना चाहिए आदि

और वही कुछ सालो बाद अजय ने पैसे इक्क्ठा करकर एक कंपनी स्टार्ट करदी और उसे अच्छा से अच्छा बनाने के लिए लोन का भी इंतज़ाम किया और काफी सारे employee को नौकरी पर रख लिया उसने सोचा पूरी तयारी के साथ मार्केट मै आऊंगा और कंपनी को चलने लगा उसके मैनेजर उसका काम देखते थे

 

वह ऐसी ही लाइफ जीना चाहता था ,वो कंपनी का बॉस हो उसका काम करने के लिए बहुत सरे आदमी हो पर उसे लगता था की बिज़नेस सिर्फ पैसो से चलता है इसीलिए उसने अपनी कंपनी को अच्छा से अच्छा बनाने मै कोई कमी नहीं छोड़ी पर मैन चीज़ वह अपने प्रोडक्ट और सर्विस पर जायदा धयान नहीं देता था   

और अपने attitude के प्रॉब्लम के चलते वह   coustmor की प्रॉब्लम भी नहीं सुनता था उसे लगता था जो उसने बनाया है वो सही है और वो अपने employee से भी अच्छे से बात नहीं करता था | वह सोचता था cosutmor को बेवकूफ बनाना आसान है वह कंपनी से मिलने वाले पैसो को comapny मै कम लगता था और फालतू चीज़ो मै पैसो को उडाता था उसने कभी पैसो की कदर ही नहीं की |

और investor से भी खूब सरे पैसे भी लेता रहा पर सच तो ये था वो business बस अमीरो वाली ज़िन्दगी जीने के लिए कर रहा था क्यूंकि उसे बिज़नेस की abcd भी नहीं आती थी उसे लगता था पैसे होंगे तो बिज़नेस भी चल पड़ेगा, पर असल ज़िन्दगी मै ऐसा नहीं होता बहुत से अच्छे लोग भी बिज़नेस नहीं चला पाते |

 

कुछ सालो बाद जब लोगो ने  उसके product खरीदने बंद कर दिए  तो उसकी सेल गिरती चली गयी वह अच्छे से business नहीं चला सका क्यूंकि उसने कभी ये चीज़ सीखी ही नहीं बिज़नेस कैसे चलता है सिर्फ जायदा नंबर या जायदा पैसे आ जाने से कंपनी तो खड़ी हो सकती है पर लोगो को मैनेज करना पैसो की जानकारी होना ये सब रियल लाइफ से सीखना पड़ता है जिसकी तरफ उसका धयान ही नहीं गया वह तो बस पैसो के लिए सब कुछ कर रहा था 

 

और धीरे-धीरे वह कर्जे मै डूब  गया और कर्जा इतना हो गया था की उसे कंपनी तक बंद कर देनी पड़ी क्यूंकि मार्किट मै लोग उसके प्रोडक्ट खरीदना पसंद नहीं कर रहे थे लोग उसके brand को ठुकराने लगे क्यूंकि वह जायदा पैसो मै अच्छे प्रोड्कट और सर्विसेज नहीं दे पा रहा था और नाही कंपनी को चला पा रहा था और नाही अपने कौस्ट्मर की  प्रोब्लेम्स को सुनता था और वह पूरी तरह से बर्बाद हो चूका था |

 

अब उसकी उम्र भी इतनी हो चुकी थी की अगर वो फिर से काम करके पैसा जमा कर भी देता तो उसके काम नहीं आना था क्यूंकि तब तक वो भूड़ा हो जाता उसे अपनी गलती का अहसास भी नहीं था क्यूंकि वह अपने घमंड मै रहता था उसे लगता था जैसे वो स्कूल लाइफ मै सब का दिल जीत लेता था वैसे ही असल जिंदगी मै सब को अपना पसंदीदा बना देगा पर सच तो ये है लोग भी तभी आपका साथ देंगे जब आप उनके के लिए कुछ करोगे 

और उसने भी हार मन कर अपना मन बदल दिया और business करना छोड़ दिया क्यूंकि उसके अंदर वो जज़्बा नहीं था जिससे वह दुनिया मै अपनी जगह बना पाए |

 

पर वही जिस समय विजय business कर रहा था तब विनय अपने बॉस से काफी कुछ सिख चूका था और अब वह तैयार था उसने छोटे से ऑफिस से स्टार्ट किया और उसने केवल जरुरी लोगो को काम पर रखा

और यह तक की अपने ऑफिस मै झाड़ू वगेरा और सामान वगेरा लाना खुद ही करता था, क्यूंकि उसके पास इतने पैसे नहीं थे की वो और लोगो को काम पर रख सके उसने ऑफिस का माहौल अपने घर के जैसा बना रखा था उसके साथ काम करने वाले भी उसकी इज्जत करते थे और सब मिलकर काम करते थे और लोगो की problem को जल्द से जल्द solve करने के तरीके ढूंढ़ते रहते थे

 

,inspiring story in hindi for studentविनय अपने business मै बहुत बार फ़ैल हुआ पर कई बार उसके साथ वाले भी उसे छोड़ कर जाने लगे पर उसने हिम्मत नहीं हारी और वह घंटो तक खुद काम किया करता था | कितनी सारी मुश्किल आयी जब उसके पास पैसे भी नहीं होते थे और कभी-कभी भूखा सो जाया करता था और जब उसके पिता उसके हाल चाल पूछते तो वो यह बोलता मै एक बड़ी कंपनी मै नौकरी करता हु यह सुन कर उसके पिता को आराम मिलता पर सच क्या था वो कभी अपने पिता को नहीं बताता उसे पता था अगर वो बातयेगा तो उसके पिता उसे वापिस बुला लेंगे और काम नहीं करने देंगे , इस डर से वह किसी को कुछ नहीं बताता और अपने काम पे लगा रहता वह जनता था एक दिन मै जरूर बड़ा आदमी बनूँगा |

जब सब लोग उसे छोड़ कर जाने लगे ये कहकर ये प्रॉब्लम solve नहीं  होगी बेहतर होगा तुम भी ये जिद छोड़ दो पर विनय उन लोगो मै से नहीं था जब तक वो अपने काम को पूरा न करले तब उसे चैन नहीं आता वह पागलो की तरह काम करता रहा कुछ सालो बाद उसकी मेहनत रंग लाने लगी  उसने कुछ ऐसा बनाया जिससे लोगो की प्रॉब्लम solve होने लगी |

धीरे-धीरे करके लोग उसके बारे मै जानने लगे धीरे-धीरे उसकी कमाई होने लगी आर्डर की डिमांड बढ़ने लगी उसने फिर से वर्कर hire किये और अपनी सर्विस को और बेहतर से बेहतर बनाने लगा विनय बस अपने आप को पूरी तरह से उसमे ढाल चूका था,क्यूंकि वह एक ज़िद्दी इंसान था और ऊपर से उसने बिज़नेस की नॉलेज भी ले राखी थी जो उसके काफी काम आयी 

 

और विनय खुद employee से जायदा देर तक काम करता था क्यूंकि उसे businessman जो बनना था वो नहीं चाहता था उसके coustmor को जरा सी भी परेशानी हो और वही विजय उस वक़्त केवल ज्यादा से जायदा प्रॉफिट कमाने के चक्कर मै था और लोगो की problems को अनसुना करता था और कुछ नया इनोवेट नहीं करता था क्यूंकि उसे अपने आप पे overconfidence था की मै जो बनता हु लोग उसे जरूर पसंद करेंगे उसका धयान प्रोब्लेम्स मै काम रहता था जिस वजह से उसकी कमपनी घाटे मै आकर बंद हो गयी

 

वही विनय दिन पर दिन फालतू पैसा खर्च करने के बजाये जायदा से जायदा पैसो को अपने बिज़नेस मै लगता जाता वह अपने ऊपर कम पैसे खर्च करता था और धीरे-धीरे वह ऑफिस से बड़े कंपनी मै आ गया और उसके coustmor भी उसकी प्रोडक्ट और सर्विस से खुश थे |

 

क्यूंकि वह समझता था लोगो को क्या पसंद आ रहा है और वह अपने प्रोडक्ट्स को बेहतर से बेहतर बनाने मै लगा रहता और अब वो बहुत बड़ा इंसान बन चूका था अब उसके पास बड़ा घर महंगी गाड़िया समाज मै इज्जत थी लोग उसके साथ काम करना चाहते थे |

 

कुछ समय बाद विनय ने सोचा क्यों ना अपने दोस्त अजय से मिला जाये तो वह अपनी महंगी कार मै अजय से मिलने गया ,उसने सोचा आज विजय शायद मुझ से भी बड़ा बिजनेसमैन बन चूका होगा पर जैसे ही वह उसके पास पंहुचा उसने देखा वो एक मिडेल क्लास फॅमिली की तरह जी रहा है उसके पास जायदा बड़ा घर नहीं था और नहीं अच्छी गाड़ी उसको देख कर उसे आश्चर्य हुआ

और अजय उसे देख के हैरान था की वो इतना बड़ा आदमी कैसे बन गया वह तो लोगो से बात तक करने मै शर्माता था, उसके पास तो इतना पैसा भी नहीं था और इसके पास तो छोटा सा ऑफिस था और गाड़ी की जगह साइकिल मै आता जाता था, यह तो पढ़ाई मै मुझसे भी पीछे था तो आज ये ऐसा कैसे बन गया | The End

 

∫ तो ज़िन्दगी आपको नहीं चलती आप अपनी ज़िन्दगी को चलते हो, ज़िन्दगी के भरोसे वो बैठते है जो कुछ करने से डरते है ∫

 

तो आज की इस motivational story in hindi for studentsकी अजय और विनय की कहानी से हमें क्या सिखने को मिलता है वो quotes के  जरिये समझिये

 

 

♥ पैसा नहीं हिम्मत बड़ी होनी चाहिए 

 

♥ जितना छोटा आप सोचोगे उतना ही छोटा आप बनोगे इसिलए बड़ा सोचो बड़ा बनो 

 

♥ business सिर्फ पैसो से नहीं चलता, business एक अच्छी टीम और लोगो के चेहरे पर मुस्करहट लाने से चलता है 

 

♥ लोग आपको तभी पसंद करेंगे जब आप उनके मतलब की चीज करोगे 

 

♥ अगर आपके पास पैसे नहीं है तो इसको कभी अपना excuse मत बनाना , क्यूंकि हर एक सक्सेसफुल इंसान पहले से आमिर नहीं होता 

 

♥ अगर आप अपने ड्रीमस के लिए जीतो हो तो एक दिन लोग आपको अपना ड्रीम बना लेंगे |

 

♥ अगर खुद पे भरोसा है तो सामने कितने भी लोग आ जाये मना करने के लिए , उनको सिर्फ एक बात कहना मै तुम्हारे जैसे नहीं जी सकता इससे अच्छा तो मै घर ही बैठ जाऊ , क्यूंकि मै वो इंसान हु जो पैदा ही इसी काम को करने के लिए हुआ है |

 

→ Wrriten by Ban sharma

 

अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी तो अपने कमेंट के जरिये बताये ताकि आगे आपके लिए और भी ऐसी motivational story in hindi for students लेकर आऊ जिससे आप हमेशा motivate रहे और अगर आप भी एक स्टूडेंट है तो ये चीजे आपको लाइफ मै जरूर काम आएंगी|

 

 

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