indian education system problems – हमारा future खतरे मै है ?

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indian education system problems – हमारा future खतरे मै है ?

आज हम indian education system problems के ऊपर बात करेंगे ,आज इतनी नयी टेक्नोलॉजी और नए डेवलपमेंट के चलते भी कई लोग आज पड़े लिखे नहीं है और जो पड़े लिखे है उनमे से बहुत लोग अच्छा प्रोफॉर्म नहीं कर पा रहे है वो भी सिर्फ अच्छी एजुकेशन न मिलने पर तो आज हम जानेंगे कैसे ये चीज़ बढ़ती जा रही है और कैसे हम education system को बदल सकते है

indian education system problems

 

आज का एजुकेशन सिस्टम

 

आज के युग मै जहाँ हमारे पास इतनी सारे way और technology है फिर भी आज बहुत से लोग पड़े लिखे नहीं है इसका कारण है स्कूल कॉलेज मै टीचर और गोवेर्मेंट का जो इनपे ध्यान नहीं दे रही है, आज इंडिया मै जॉब करने वालो  कमी नहीं है पर उनमे से बहुत ही काम लोग है जो टैलेंटेड है और बाकि के बस ऐसी ही है पर ये उनकी गलती नहीं है ये हमरे इंडियन एजुकेशन के वजह से ऐसे है

अगर उनको भी अच्छी  पढ़ाई और अच्छी फैसिलिटी मिले तो ये भी अच्छी जॉब पाने मै सफल होंगे पर ऐसा कब होगा ये तो शायद किसी को भी नहीं पता |

 

आज के स्कूल और कॉलेज का हाल

 

आज के कॉलेज और स्कूल का हाल सब जानते है पर कोई कुछ नहीं करता जानते है क्यों ?  मै बताता हु जब भी कभी कॉलेज का हाल पूछना होगा तो लोग टीचर या फिर कॉलेज वालो से पता करते है और जाहिर सी बात है वो तारीफ ही करेंगे क्यूंकि वो उनकी जॉब और काम है

पर सच्चाई तो ये है कोई स्टूडेंट्स से नहीं पूछता  जो उस कॉलेज की सच्चाई को बतायंगे , पर सच तो स्टूडेंट्स ही बतायंगे वह का हाल बहुत सी जगह जब बच्चा बोलता है तो किसी न किसी ना किसी वजह से उसकी आवाज दबा दी जाती है या तो फिर उसके नंबर और उसे सबक सिखाने के लिए उसपे और जोर दिया जाता है जिस वजह से स्टूडेंट्स बोल नहीं पाते,

और भला बोले भी कैसे बड़ी मुश्किल से जो नंबर आये है कई उनमे मै भी कमी न हो जाये , ऐसा नहीं है की इंडिया मै अच्छे कॉलेज नहीं है पर उनकी संख्या बहुत ही कम है |

आज कल कॉलेज खोलना बिज़नेस की तरह हो गया है बस पैसा कामना है तो ठीक है यार कॉलेज पैसे कमाने के लिए ही खुलते है पर कम से कम पैसे कमाने के साथ-साथ स्टूडेंट्स को उतनी वैल्यू (value) तो दो पैसा कमाने के लिए कौन मना कर रहा है  पर स्टूडेंट्स पर भी तो फोकस करो |

 

आजकल कॉलेज मै टीचरो के हाल

 

पहले ही बता दू मै किसी की बुराई नहीं कर रहा पर यही reality है, सच मै आजकल ये फैशन सा हो गया है अगर स्टूडेंटन्स के नंबर अच्छे नहीं आ रहे है टेस्ट मै, तो टीचर इस तरह मोटीवेट करते है स्टूडेंट्स को बेटा कम से कम पास होने लायक तो नंबर ला जा, वो ये नहीं देखते मै इसे किस तरह से अच्छा बना सकता हु या फिर मेरे पढ़ाने मै क्या कमी है जो इसे समझ नहीं आ रहा इसको मुझे अलग लेवल से समझाना चाहिए पर नहीं

बहुत से टीचर बस बुक मै से देख कर पढ़ाते है और अगर कुछ एक्स्ट्रा अगर बच्चे ने पूछ लिया तो बस यही कहते है मैंने जो नोट्स लिखाये है उन्ही मै से लिखना , और स्टूडेंट्स को दबा के होमवर्क और असाइनमेंट दे दिए जाते है , और सरकारी कॉलेज मै बहुत से टीचर बस नाम के लिए पढ़ाने आते है और ये सब हम अच्छे से जानते है |

बहुत से टीचर ऐसे है जो पढ़ाने मै अच्छे है पर उनकी सैलरी इतनी कम है की उन्हें motivation ही नहीं मिल पाता और बहुत से टीचर ऐसे है जिनकी सैलरी अच्छी तो पर है पढ़ाने के लिए मोटीवेट नहीं है | 

और कुछ कॉलेज वाले टीचर को कुछ समय के लिए रखते है अगर टीचर अच्छा हुआ तो जितनो को उन्होंने पढ़ाया होगा उनका तो ठीक है पर उनकी जगह कोई और आ जाता है तो जितने को वो पढ़ाएंगे उनका भगवान जाने |

 
Best Countries for Education

Usnews article ke hisab se india 32 rank mai hai best education ke mamle mai maybe ye kam bhi ho sakta hai ya phir jyada par is report ke hisab se india 32 rank mai.
 

indian education system problems जो आज भी घिसे पिटे subject चलाये जा रहे है

 

अगर आप इंडियन एजुकेशन सिस्टम को चलाते है या अपने बनाया है और आपको लगता है ये students के लिए बेस्ट है  तो शायद आप सही हो पर मेरी तरफ से ये सही नहीं है, क्यूंकि ये सिलेबस इतना पुराना हो चूका है की आज भी वोई घिसी पीटी चीज़े ही चल रही है जिससे स्टूडेंट्स को पड़ने मै कोई इंट्रेस्ट नहीं आता

बहुत से कॉलेज है जो नई courses को adopt कर लेते है पर उन कॉलेजो की संख्या भी कम है और बचे बाकि कॉलेज वह की same कहानी बस कॉलेज केवल डिग्री के लिए रहे गया है नाम मात्र students को कितना आता है कुछ फरक नहीं पड़ता

students भी डिग्री लेके खुश घरवाले को भी बस डिग्री से मतलब है ,उनको भी कुछ फर्क नहीं पड़ता बच्चे को कुछ आता भी है या नहीं बस डिग्री मिल गयी तो जैसे तोप मर दी हो बच्चे ने |

 

तो ये है indian education system problems जो बस ऐसे ही चली आ रही है, अगर ये सब ऐसे ही चलता रहा तो आने वाले टाइम मै डिग्री होने के बाद भी अनपढ़ ही रहेंगे स्टूडेंट्स

indian education system

 

Indiatoday news ke 2015 ke article ke hisab se india ki rank 91 thi 145 countries ke beech mai pure world mai to imagine kar sakte hai india education ke mamle mai kis rank mai apni jagah banaye bheta tha, or ab kha hai god knows ?

 

अब बात करते है इंडिया के एजुकेशन सिस्टम को बदला कैसे जाये ?

 

अब मै आपको पॉइंट वाइज बताता हु हम कैसे इसे improve कर सकते है, वैसे ये मेरा मानना क्या पता इसमें कुछ बाते गलत भी हो पर कुछ बाते काम की जरूर होंगी 

 

1 – हर टीचर को कॉलेज और स्कूल मै joining से पहले एग्जाम क्लियर करना होगा, अब ये एग्जाम क्या बला है students थोड़ी है जो exam देंगे टीचर भी

तो हमे इस तरह का system तैयार करना होगा टीचर को पहले course से related exam को clear करना होगा और ये exam कॉलेज और स्कूल वाले बनाएँगे अपने हिसाब से की उन्हें किस लेवल के टीचर चाहिए और साथ ही साथ उन्हें लाइव example करके देना पड़ेगा की कैसे टीचर class मै students की problems को solve कर पाते है फिर उसके बेस मै उन्हें joining देनी चाहिए ऐसे मै जो टीचर वाक़ई मै अच्छा होगा वो एग्जाम को easily पास कर लेगा इसमें कोई शक नहीं है |

 

2 – सबसे मैन पॉइंट अगर डिप्लोमा और डिग्री की बात करी जाये तो दोनों को और इम्प्रूव करा जाना चाहिए डिप्लोमा मै इतना बेसिक बताया जाता है की उन्हें मजबूरन डिग्री लेना ही पड़ती है तो इस को थोड़ा अलग लेवल मै improve करके और अच्छा करना चाहिए ताकि students पे जायदा प्रेशर न रहे डिग्री लेने का

डिप्लोमा को इस लेवल का बना देना चाइये ताकि अगर स्टूडेंट्स कही जॉब्स करे तो उसको और अच्छा नॉलेज हो अपने कोर्स से रिलेटेड और वही डिग्री को थोड़ा और coustmize  करके और बेहतर करना चाहिये

इन दोनों मै trending courses को भी include करना चाहिये ताकि students को अलग से पैसे खर्च करके इन्हे बहार से न सीखना पड़े जो ज्यादतर students को बहार से करना पड़ता है डिग्री,डिप्लोमा लेने के बाद भी जो बहुत से लोग afford नहीं कर पाते जिसकी वजह से उनकी नॉलेज काम रह जाती है

 

3 –  किताबी ज्ञान के अलावा partical नॉलेज होना ये भी important फैक्टर है, कॉलेज और स्कूल मै pratical चीजे बहुत काम सिखाई जाती है जिस वजह से जब students इंटरनशिप और जॉब के लिए जाते है तो उनको चीजे समझने मै जायदा टाइम लगता है और हर बार हम traning से आने के बाद हम यही चीज़ बोलते जितना हमने 3 या 6 महीने की ट्रेनिंग मै सिख लिया इतना कॉलेज वाले डिग्री मिलने तक नहीं सीखा पाते , बहार के देशो मै practical मै भी ज्यादा फोकस किया जाता है और बहुत से students पढ़ाई के साथ साथ कुछ न कुछ काम करते रहते है बहुत से अपना startup करते है और कोई कुछ

पर यहाँ students college के किताबी ज्ञान से इतना डिमोटिवेट हो जाते है की काम करना तो दूर घर आये आराम से लेट गए  तो practical knowldge compulsury होना चाहिए with case study जिससे students को और बेहतर तरह से समझ आये |

 

 4 – वैसे ये आईडिया अगर apply हो जाता indian eduaction मै तो इंडिया के students अलग ही लेवल के हो जाते  – तो आईडिया सिंपल सा है जैसे ही कॉलेज के एडमिशन शुरू होने के बाद classes स्टार्ट हो जाती है उससे पहले डिग्री और डिप्लोमा दोनों मै क्लास शुरू होने से पहले students को एक trail क्लास दी जाये जिसमे डिप्लोमा और डिग्री मै जितने भी courses है उन सब के बारे मै पहले बताया जाये

example  – अगर आप ये कोर्स choose करते है तो आपको इसमें ये चीज़ सिखाई जायँगी जिसका use आप इन-इन जगहों पर कर सकते है, और अगर आप ये कोर्स चुनते है तो इसमें आपको ये problems आएँगी फिर चाहे वो maths हो या फिर science उस course से related सरे question एंड answer बताये जाये और उसको पड़ने के advantage और disadvantages बताये जाये

तब जाकर अगर students अगर वो कोर्स चुनता है तो अगर वो उसमे fail हुआ तो वो उसकी जिमेदारी होगी न की कॉलेज वालो की , पर रियल मै होता क्या है जो चीज़ आपको नहीं पड़ना जबरदस्ती वो चीज़ students को पढ़ाई जाती है जिसे उसे न चाहकर भी पड़ना पड़ता है और ऊपर से उसे clear करने का अलग ही सर दर्द , अगर student फ़ैल हुआ तो teacher और घरवाले बच्चे के जान के पीछे पड़ जाते है और ऐसे मै वो करे तो क्या करे  कई students फैल होने के चलते sucide कर लेते है फिर indian education system के तो हाथ खड़े हो जाते है और माँ-बाप अलग परेशान |

 

जैसे की मै हर बार अपनी बात किसी न किसी quotes से end करता हु अगर आप मेरी बात समझे तो ठीक है नहीं तो ये quotes आपके लिए

हर इंसान का दिमाग अलग है और वो किसी न किसी चीज़ मै expert होता हैं फिर चाहे बात पढ़ाई की हो या फिर किसी और काम की, तो जबरदस्ती न करे , आप की ज़िद किसी की जान लेने पर मजबूर हो जाती है ,आप ज्ञान देने वालो मै से है जान लेने वालो मै से नहीं |

 

तो आशा करता हु आपको indian education system problems के बारे मै बहुत कुछ जानने को मिला होगा और कैसे हम इस चीज़ को सही कर सकते है तो अगर आपके पास भी बेहतर सुझाव है तो कमेंट मै बताइये, तो अगर आप भी student है तो इसे अपने और student friends के साथ शेयर करे और इसे इतना शेयर करे ताकि इंडिया के एजुकेशन मै कुछ सुधार हो सके |

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