dharm kya hai

dharm kya hai – क्या सच मै आप धर्म का असली मतलब जानते है ?

dharm kya hai – क्या सच मै आप धर्म का असली मतलब जानते है ?

 

क्या सच मै आपको ऐसा लगता है जो बरसो से लोग हमें धर्म के बारे मै बताते आ रहे है  वह सब सही है | क्या आप जानते भी है dharm kya hai . और जो हम धर्म के नाम पर लड़ते आ रहे है की हिन्दू धर्म,मुस्लिम धर्म ,ईसाई धर्म ,सिख धर्म  – सब अपने अपने धर्म को अच्छा बताते है | और हम इस चीज़ को समझ ही नहीं पाते आखिर dharm kya kahta hai.

तो आज मै आपको कुछ ऐसी बाते बतऊँगा जिससे आपका धरम को लेकर नजरिया बदल जाये और ये सब मै अपने experince से बता रहा हु |

 

dharm ki paribhasha

 

अगर अपने सही मायने मै आपने dharm ki paribhasha पड़ी हो तो आप जानते होंगे हर धर्म मै यही लिखा है की हर इंसान एक जैसा है हम सब को मिलकर रहना चाहिए |

 तो आप जिस भी धर्म से सम्बन्ध रखते हो उस धर्म के भगवान तक ये कहते है की मेरे लिए सब सामान है , तो आप तो केवल अपने धर्म को मान रहे हो पर उसमे जो बताया गया है उस चीज़ से इंकार कर रहे हो की तुम हिन्दू धर्म के हो या मुस्लिम धर्म  के इस बात को लेकर हम लड़ाईया करते रहते है |

 

आप इस चीज़ का example इंटरनेट मै हर जगह देख सकते हो जैसे – facebook,twitter,youtube ,  जब कोई पोस्ट धरम से related पब्लिश  होती है तो उसके निचे यही सब comment चल रहे होते है की हमारा धरम अच्छा है और एक दूसरे को गली दे रहे होते है , तो एक बात बताओ जो ये कहे रहे है हमारा धर्म और हमारे धर्म के भगवान अच्छे है , तो क्या हमारे धर्म के भगवन बुरे है वो क्या हम पर कोड़े बरसाते है ,वो क्या हमे जीने नहीं देते |

तो इन सब चीज़ो से बाहर निकलो अगर धर्म को लेके लड़ते रहोगे तो आप मै इंसानियत कहा रहेगी | 

 

क्या वाक़ई मै हमारा धर्म अच्छा है और बाकि के बेकार

 

तो इस बात को अपने दिमाग मै  बिठा लो किसी का धर्म अच्छा नहीं और नाही किसी का धर्म बुरा  सब बराबर है | क्यूंकि हमारी धार्मिक किताबो मै भी यहाँ नहीं लिखा हुआ है आप जिस धर्म को मानते हो वह श्रेष्ठ है , क्यूंकि भगवान तो एक ही है आप उनको जिस भी रूप मै पूजो , और भगवन भी सब सामान है 

 

आप एक चीज़ समझे क्या भगवान कभी ऐसा कहते है तुम तो किसी और धर्म के हो, और जब आप उनके मंदिर मै जाते है तो वो क्या ऐसा बोलेंगे तुम गलत जगह आ गए हो तुम्हारा मंदिर दूसरा है वह जाओ तो ऐसा बिलकुल नहीं होता

बहुत से हिन्दू ,सिख ,ईसाई धर्म के हजरत-अली-शाह की दरगह मै जाते है बहुत से लोग गुरूद्वारे मै जाते है बहुत से केदारनाथ जाते है ,तो क्या जब ये मंदिर मै जाते है तो इनके साथ कुछ घटना घट जाती है इनका कुछ बुरा हो जाता है तो ऐसा बिलकुल नहीं क्यूंकि ये वो लोग है जो बस ये जानते है ये आस्था पथ है और हम भगवान के पास जा रहे है |

 

आप किसी भी धर्म के हो आप जिसकी भी पूजा करते हो ये चीज़ समझना हर धर्म के भगवान एक जैसे है, बस धर्म की वजह से हम उनके नाम और रूप को अलग नाम से जानते है |  अपने सुना होगा लोग भगवन शिव को अलग अलग तरह से पूजते है जैसे महाकाल ,अघोरी , देवो के देव महादेव ,नटराज ,नीलकंठ  पर वो पूज तो एक ही को रहे ना ,तो अलग अलग नाम होने से कंफ्यूज मत रहो आपके अंदर भी वोई शक्ति है जो और धर्म को मानने वालो के अंदर है , हम सब दिखने मै एक जैसे है एक जैसा सबका शरीर है तो फिर diffrence कहा है , और हम सब एक ही केटेगरी मै तोआते है और वो है इंसान |

 

आपको मेरी ये बात कड़वी लगे पर यही सच है ,अगर धर्म नाम की चीज़ होती तो जब भगवान ने जब धरती की रचना की थी तो उस वक़्त भगवान ने केवल एक पुरुष और एक स्त्री ही बनायीं थी | तो धर्म तो बहुत सारे है पर धरती पे  तो दो ही इंसान थे एक पुरुष और एक स्त्री , तो भगवन ने इन्हे कौन से धर्म का पालन करने को कहा , अगर धर्म होता तो भगवन ने तो गलती करदी उन्हें तो हर धर्म के हिसाब से एक जोड़ा बनाना चाहिए था स्त्री और पुरुष का , पर उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया ,इसका मतलब तो ये हुआ धर्म हमने बनाया अपने आप को अलग दिखाने के लिए |

 

इस बात को समझो धर्म कोई गलत चीज़ नहीं है पर अपने धर्म को अच्छा बताना ये गलत है , अब आप चाहे ये मानो धर्म हमारे अच्छे के लिए बना है तो इसमें कोई गलत नहीं है , अगर मै अपनी बात कहु तो मेरे हिसाब से धर्म का मतलब है ईश्वर(भगवान) बस हम उन्हें अलग अलग रूप मै पूज रहे है |

 

आपको मै एक और बात बताता हु – अपने ये सुना होगा इंसान की पहचान बताने के लिए भगवान ने चार वर्ण बनायें  १  ब्राह्मण क्षत्रिय शूद्रवैश्या  ये चार वर्ण ब्रह्मदेव के शरीर से उत्पन्न हुए थे उस वक़्त इंसान की इन्ही चार वर्ण के हिसाब से उनकी पहचान होती थी , तो धर्म को किसने बनाया , जैसे हमने कास्ट (cast ) बनायीं अपनी पहचान बताने के लिए , कुछ लोग बोलते है की धर्म को उन्ही के धर्म गुरु ने बनाया पर जिस वक़्त धर्म बनाया उस वक़्त भी तो लोग बिना धर्म के ही तो थे और उन धर्म गुरु ने अपने अपने हिसाब हिसाब से ईश्वर को पूजा और धीरे धीरे लोग उनके साथ जुड़ने लगे और धर्म की शुरुआत हुयी पर वो धर्म गुरु भी एक ही बात कहते थे हम सब एक है |

तो ये आप को समझना चाहिए  धर्म मतलब ईश्वर और कुछ नहीं आप उन्हें जिस भी तरह से खुश करे वो आपके ऊपर निर्भर करता है, तो इस चीज़ पे लड़ने की कोशिश न करे आपको जो पसंद है आप उन्हें पूजे  , अगर कोई आपसे जबरदस्ती करता है तो इसका मतलब वो अपने धर्म को अच्छा मानता है और बाकि धर्म को बेकार | 

 

dharm kya kheta hai

 

मै क्या सोचता हु धर्म के बारे मै

 

मेरा जो धर्म है वो हिन्दू है , पर ऐसा नहीं है की मै दूसरे धर्म को नहीं मानता , मै  हजरत अली शाह को भी मानता हु ,गुरुगोविंद सिंह को भी मानता हु ,जीसस आदि |

 

देखो सिंपल सा फंडा है आप जिसकी चाहे उसकी पूजा कर सकते है आप किसी भी धर्म के भगवन की पूजा कर सकते है क्यूंकि सब एक है क्यूंकि आप जिसकी भी पूजा करो afterall पूजा तो भगवान की करोगे , और कोई भी आपको इस चीज़ को करने से नहीं रोक सकता है भले ही आप हिन्दू धर्म मै पले बड़े है आप हजरत अली शाह को पूज सकते है ,आप मुस्लिम धर्म के है आप शिव को पूज सकते है ,क्यूंकि आप एक इंसान है , आप को जिसकी पूजा करने मै आनंद आता है आप करे कोई आपको नहीं टोक सकता यह तक की आपके घरवाले भी नहीं , क्यूंकि भगवान किसी एक के लिए नहीं है और नाही किसी का हक़ है उनपे |

 

देखो हम लोग क्या कर रहे है हम इंसान को इंसान से comapre कर रहे है धर्म को लेकर ,आप समझ रहे है मै क्या कहना चाह रहा हु,हम  इंसान और जानवर के बीच comparison कर सकते है और वो बिलकुल सही है क्यूंकि इंसान मै जानवर से जायदा दिमाग होता है तभी तो आज वो हर imposible चीज़ को posible कर पाया है , हर धर्म का इंसान एक ही जैसा तो है दिमाग,शरीर,रेहन-सहन तो फिर अंतर कहा है इसिलये #Sochbadle

 

मै जब भी किसी धर्म के आस्था पथ  से गुजरता हु तो प्रणाम या जय हो बोलता हु क्यूंकि मै उन सब को  मानता हु ,क्यूंकि मुझे अच्छा लगता है|  मुझे किसी से कोई फरक नहीं पड़ता कोई मेरे बारे मै क्या बोले |


तो आईन्दा कभी हमरा धर्म अच्छा है ये न बोले , धर्म नहीं इंसान अच्छा होता है |

 

मै आशा करता हु आप को धर्म का असली मतलब समझ आया हो , इस पोस्ट मै मैंने केवल अपना मत बताया है ,बाकि आप धर्म को किस नजरिये से देखते है वो आप पे depend करता है  मै  जनता हु बहुत से लोग इस्पे गलत कमेंट करेंगे की मै क्या बोल रहा हु |

गलत कमेंट आने का मतलब यही है की उनको अभी भी बात समझ नहीं आयी या फिर वो अभी भी अपने धर्म को ओरो के धर्म से अच्छा मानते है , अगर आपको ये समझ आया तो इसे जायदा से जायदा लोगो तक share  करे ताकि सबको धर्म का असली मतलब समझ आये |

 

 

 

 

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